Saturday, 17 December 2016

पिता के आँसू

पिता के आँसू
पासिंग परेड में
बेटा टापर

-जानकी वाही

रँग रही हैं

रँग रही हैं
बादलों की कूँचियाँ
सपने मेरे

-मिथिलेश बड़गेनियाँ

भाई को लाने

भाई को लाने
बेटी को भेजा स्वर्ग
माता-पिता ने

-दिनेश चन्द्र पाण्डेय

Thursday, 30 June 2016

मेघ ने खोले

मेघ ने खोले
बूंदों के पैराशूट
उतरे ओले

-अभिषेक जैन

घर से दूर

घर से दूर
बढ़ा रहे हिम्मत
पिता के खत

-अभिषेक जैन

Saturday, 6 June 2015

सिन्दूरी साँझ

सिन्दूरी साँझ
बतियाते रहते
टेसू के गाँछ

-योगेन्द्र वर्मा
[फेसबुक हाइकु समूह से]

पलाश वन

पलाश वन
बाँधे लाल मुरैठे
खडी बारात

-योगेन्द्र वर्मा
[फेसबुक हाइकु समूह से]