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Wednesday, 9 October 2013

आसमान ने

आसमान ने
डाले तारों के हार
घरों के गले

-उर्मिला कौल
[हाइकु 1889 से] 

Sunday, 22 September 2013

अनमनी हैं

अनमनी हैं
धूप छू हँस देंगी
रूठी कलियाँ

-अश्विनी कुमार विष्णु
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 8 September 2013

अँधेरी घाटी

अँधेरी घाटी
आतंक मचा रही
धर्मांध हवा

-नीलमेन्दु सागर
[उर्वरा हाइकु संकलन से]

Saturday, 27 October 2012

आशा के बीज


आशा के बीज
छिपे हैं अदृश्य में
पुष्पित होंगे


-डा० मिथिलेश दीक्षित

Sunday, 26 August 2012

आसमान में


आसमान में
इतनी कविताएँ
किसने छापीं ।


-नलिनी कान्त

अँधेरी रात



अँधेरी रात
तारे कीलें ठोंकते
उजियारे की


-सदाशिव कौतुक
(एक तिली, हाइकु संग्रह से साभार)



Wednesday, 13 June 2012

आकाश रोया


आकाश रोया
हरसिंगार हँसा
दोनों बिखरे

-डा० भगवतशरण अग्रवाल

[ हाइकु भारती, जन० - मार्च 1999 से साभार ]

Thursday, 31 May 2012

आया सावन


आया सावन
नदी नाले जवान
केंचुए उगे ।

-अनंत आलोक

Sunday, 19 February 2012

आम बौराया

आम बौराया
फागुनी बयार ने
चूमा जो उसे ।


-शिवजी श्रीवास्तव

Saturday, 11 February 2012

अपार सिंधु


अपार सिंधु
अनिमिष निहारे
नवेली निशा।

-स्वाति भालोटिया

Monday, 21 November 2011

अंधेरी रात

अंधेरी रात
चुनौती ली तारों ने
जागते रहो।


-डा० सुरेन्द्र वर्मा
( 'धूप कुंदन' हाइकु संग्रह से साभार)

Tuesday, 19 July 2011

आम बौराये

आम बौराये
प्रकृति सुन्दरी के
कानों में बाले ।


-डा० गोपाल बाबू शर्मा

अंगार धरे

अंगार धरे
जंगल दहकाते
पलाश खड़े ।

-डा० महावीर सिंह

Tuesday, 12 July 2011

अनाम गंध

अनाम गंध
बिखेर रही हवा
धान के खेत ।

-डा० जगदीश व्योम