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Wednesday, 30 May 2018

तरु तन से

तरु तन से
खींच ली चुनरिया
सिसकी धरा

-मंजु मिश्रा

Friday, 8 May 2015

ताप से जूझा

ताप से जूझा
पर्वत का टुकड़ा
दर्द के चिह्न

-डा० जगदीश व्योम
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 1 March 2015

तितली संग

तितली संग
दौड़ता बचपन
निश्छल मन

-ऋता शेखर मधु
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Monday, 16 December 2013

तम के मारे

‘तम’ के मारे
अनगिनत चाँटे
दीप-शिखा ने

-जितेन्द्र जौहर
[फेसबुक से साभार]

Monday, 30 September 2013

तिनके चुन

तिनके चुन
स्वप्न घरौंदा बुन
चिड़िया फुर्र

-अद्वैतजोगिया शास्त्री
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 7 July 2013

तपस्यारत


तपस्यारत
फुनगी पे लटका
नन्हा सा आम

-पवन जैन
[ फेसबुक, हाइकु संसार समूह से ]

Thursday, 30 May 2013

ताल हैं सूखे


 ताल हैं सूखे
सरकी नदी नीचे
ओस नहाने

-मंजुल भटनागर
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Friday, 18 January 2013

तोड़ न सका


तोड़ न सका
झूठ का भ्रमजाल
सत्य बेहाल

-महेन्द्र वर्मा
[ फेसबुक से साभार ]

Sunday, 26 August 2012

तूफान उठा


तूफान उठा
उखड़े ऊँचे पेड़
जमी है घास।

-डा० जीवन प्रकाश जोशी
[हाइकु-१९८९ से साभार]

Sunday, 3 June 2012

तम से जीती


तम से जीती
पर हार गई लौ
दुष्ट हवा से ।


-सन्तोष कुमार सिंह

Saturday, 14 January 2012

तपन देख


तपन देख
आँधी ने खोल दिये
वर्षा के द्वार।

-डा० वेदज्ञ आर्य

(हाइकु पत्र 22,  अगस्त-1984 से साभार)

Monday, 21 November 2011

तुम्हारी हँसी

तुम्हारी हँसी
भीगे हुए चनों में
फूटे हैं किल्ले।


-डा० सुरेन्द्र वर्मा
( 'धूप कुंदन' हाइकु संग्रह से साभार)

Sunday, 28 August 2011

तप्त आकाश


तप्त आकाश
झरबेरियाँ सूखीं
बच्चे उदास ।

 
-डा० गोपालबाबू शर्मा
( " मोती कच्चे धागे में " हा०सं० से साभार )

Tuesday, 12 July 2011

तोड़ देता है

तोड़ देता है
झूठ के पहाड़ को
राई-सा सच ।

- कमलेश भट्ट कमल

( " अमलतास " हाइकु संग्रह से )