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Sunday, 5 April 2015

घटे जंगल

घटे जंगल
बढ़ता चला गया
जंगलीपन

-कुमार गौरव अजीतेन्दु
[मुक्त उड़ान हाइकु संग्रह से]

Saturday, 6 December 2014

बन जाते हैं

बन जाते हैं
बया की कलादीर्घा
कँटीले वृक्ष

-अश्विनी कुमार विष्णु
[हाइकु समूह से] 

Wednesday, 1 October 2014

ऊँघते चीड़

ऊँघते चीड़
पहाड़ों पर रात
चाँदनी साथ

-प्रियम्बरा
[फेसबुक हाइकु समूह]

Tuesday, 19 July 2011

लिखते पेड़

लिखते पेड़
हरियाले कागज
प्रेम की पाती ।


-डा० सुधा गुप्ता
('चुलबुली रात ने' हाइकु संग्रह से)