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Friday, 10 January 2020

उधड़े रिश्ते

उधड़े रिश्ते
सीती हुई हमेशा
याद आती माँ
-अनिता कपूर

Saturday, 6 December 2014

उड़ा के हँसे

उड़ा के हँसे
कीड़ों के परखच्चे
क्रूर पटाखे

-अभिषेक जैन
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Wednesday, 29 October 2014

ऊँचे चिनार

ऊँचे चिनार
करते गुलगुली
हँसते मेघ

-राजीव गोयल
[फेसबुक समूह हाइकु मधुशाला से]

Tuesday, 28 October 2014

उतर आया

उतर आया
बूँद बूँद चौमासा
धानों में ढला

-अश्विनी कुमार विष्णु
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Wednesday, 8 October 2014

उड़ा के आँधी

उड़ा के आँधी
गरीब की झोंपड़ी
रोई बहुत

-राजीव गोयल
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Wednesday, 1 October 2014

ऊँघते चीड़

ऊँघते चीड़
पहाड़ों पर रात
चाँदनी साथ

-प्रियम्बरा
[फेसबुक हाइकु समूह]

Friday, 25 July 2014

उड़ा परिंदा

उड़ा परिंदा
चीखते रहे चूजे
सहमा नीड़

-विशाल सर्राफ धमोरा
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Wednesday, 8 January 2014

उदास ठूँठ

उदास ठूँठ
पाया ओस का स्पर्श
हँसी कोपलें

-अरुण सिंह रुहेला
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 10 November 2013

उगा सूरज

उगा सूरज
मिलनी को पहुँचे
मुक्त परिंदे

-रामनिवास बांयला
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Monday, 14 January 2013

उडी पतंगें


उडी पतंगें
सतरंगी चूनर
फैली नभ में

-शिवजी श्रीवास्तव
[ फेसबुक से साभार ]

Sunday, 26 August 2012

उषा ने बाँधी


उषा ने बाँधी
क्षितिज के हाथों में
सूर्य की राखी।

-राम कृष्ण ‘विकलेश’
[हाइकु-१९८९ से साभार]

Wednesday, 13 June 2012

उनके पास


उनके पास
डालने को टुकड़े
इनके पूँछ



-डा० भगवतशरण अग्रवाल
[ हाइकु भारती, जन० - मार्च 1999 से साभार ]



Friday, 6 April 2012

उगा सूरज

उगा सूरज
समेट के चादर
भागा अँधेरा ।


-सुभाष नीरव

Sunday, 18 September 2011

उछल रहे

उछल रहे
बादलों की गोद में
बाल-खरहे ।


-रामनिवास पंथी

Sunday, 28 August 2011

ऊँचे पर्वत

 
ऊँचे पर्वत
भेजते मेघदूत
घाटी के खत ।


-डा० गोपालबाबू शर्मा
( हाइकु दर्पण -मार्च- 2007 अंक से साभार )


Sunday, 7 August 2011

उकडूँ बैठी

उकडूँ बैठी
शर्मसार पहाड़ी
ढूँढ़ती साड़ी ।




-उर्मिला कौल

Tuesday, 12 July 2011

उगने लगे

उगने लगे
कंकरीट के वन
उदास मन ।

-डा० जगदीश व्योम

( हाइकु दर्पण से साभार )