Showing posts with label झ. Show all posts
Showing posts with label झ. Show all posts

Sunday, 20 June 2021

झुंड में लोग

झुंड में लोग
हर जगह भीड़
सब अकेले

-डा० विश्व दीपक बमोला

Sunday, 20 July 2014

झूलों से नीचे

झूलों से नीचे
उतरीं जो पायलें
नीम उदास

-अश्विनी कुमार विष्णु
[फेसबुक हाइकु समुह से]

Saturday, 13 July 2013

झुका के सर


झुका के सर
चुपचाप नहाए
शर्मीले पेड़

-मानोशी चटर्जी
[हाइकु दर्पण से साभार]

Tuesday, 4 June 2013

झुलस गई


झुलस गई
तंदूर से दिन में
बेचारी हवा

-योगेन्द्र वर्मा
[ फेसबुक हाइकु समूह से ]

Sunday, 26 August 2012

झींगा मछली


झींगा मछली
जा छिपी शैवाल में
ढूँढ़ता नभ।


-रामनिवास ‘पन्थी’
[हाइकु-१९८९ से साभार]