Showing posts with label *व. Show all posts
Showing posts with label *व. Show all posts

Tuesday, 10 August 2021

वक़्त के किस्से

वक़्त के किस्से
रेखाओं से लिखता
वृद्ध चेहरा !
-विद्या चैहान
 

Saturday, 7 August 2021

वृत्त में क़ैद

वृत्त में क़ैद 
गोल गोल घूमती 
धुरी सी माँ !

-आराधना झा श्रीवास्तव

Thursday, 5 August 2021

वाइन शॉप

वाइन शॉप
अकेले ही पी रही
कई जिंदगी

-गंगा पांडेय भावुक

Wednesday, 4 August 2021

वेग से ज़्यादा

वेग से ज़्यादा
फलदायक होता
अल्प आवेग
-डा० रामकुमार माथुर
(हाइकु दर्पण समूह)

Wednesday, 6 May 2020

वर्षा में भीगे

वर्षा में भीगे
किवाड़ों से झाँकते
कुकुरमुत्ते

-आभा खरे
(फे.बुक हा.स.)

Saturday, 6 June 2015

वन में भोज

वन में भोज
सज-धज शामिल
टेसू की पाँतें

-अश्विनी कुमार विष्णु
[फेसबुक हाइकु समूह से]