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Saturday, 22 March 2014

दुलारता है

दुलारता है
माँ का चश्मा-चरखा
माँ के बाद भी

-वीरेन्द्र आज़म
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 12 January 2014

दवा के साथ

दवा के साथ
सलाह देती बेटी
लगे माँ जैसी

-राम निवास बनियाला
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Thursday, 20 December 2012

देख लेती वो


देख लेती वो
धुँधले चश्मे से भी
गुजरा कल

-डा० रमा द्विवेदी
[फेसबुक से साभार]

Sunday, 18 September 2011

दूब के आँसू

दूब के आँसू
पोंछ बड़े प्यार से
हँसी सुबह ।



-नीलमेन्दु सागर