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Friday, 8 May 2015

छिद्रों में फूटी

छिद्रों में फूटी
परत बन जमी
युगों की गाथा

-महिमा वर्मा
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Wednesday, 10 December 2014

छज्जे पे बैठी

छज्जे पे बैठी
कौओं की संसद है
चर्चा क्या होगी !

-प्रियम्बरा

Wednesday, 8 October 2014

छेड़ा तो हँसीं

छेड़ा तो हँसीं
सीपियों की उमंगें
सूखे सोते में

-अश्विनी कुमार विष्णु
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Saturday, 1 June 2013

छानो पहाड़


छानो पहाड़
वहीँ कहीं छिपा है
मुआ मौसम

-प्रकाश खत्री
[हाइकु समूह फेसबुक से]

Monday, 21 November 2011

छोटी सी धार

छोटी सी धार
चट्टानों को काटती
झरना बनी।


-डा० सुरेन्द्र वर्मा
( 'धूप कुंदन' हाइकु संग्रह से साभार)

Tuesday, 12 July 2011

छिड़ा जो युद्ध

छिड़ा जो युद्ध
रोयेगी मानवता
हँसेंगे गिद्ध ।

- डा० जगदीश व्योम

( हाइकु दर्पण से )