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Saturday, 17 December 2016

भाई को लाने

भाई को लाने
बेटी को भेजा स्वर्ग
माता-पिता ने

-दिनेश चन्द्र पाण्डेय

Friday, 8 May 2015

भरते नहीं

भरते नहीं
ज़ख्म पत्थरों के भी
सौ युगों तक

-चन्द्रभाल श्रीवास्तव सुकुमार
[फेसबुक हाइकु समूह से]

Sunday, 1 March 2015

भीनी सुगंध

भीनी सुगंध
टपका बौर रस
मन बावरा

-ऋता शेखर मधु
फेसबुक [हाइकु समूह से]

Saturday, 6 December 2014

भोली थी अम्मा

भोली थी अम्मा
कभी ढूंढ़ ना पाई
मन के भेद

-योगेन्द्र वर्मा
[हाइकु समूह से]

Wednesday, 16 October 2013

भरी भीड़ में

भरी भीड़ में
हरेक पे हावी था
अकेलापन

-पवन कुमार
[हाइकु 2009, संकलन से]

भजन गाती

भजन गाती
बैलगाड़ियाँ दौड़ीं
सड़कों पर

-डा॰ शिवबहादुर सिंह भदौरिया
[हाइकु 2009, संकलन से]

Friday, 14 June 2013

भरे गिलास


भरे गिलास
दूध के औंधा दिए
रूठे बच्चे ने

-शोभा रस्तोगी
[हिन्दी हाइकु से ]

Monday, 24 September 2012

भोली गौरैया


भोली गौरैया
ताकती ललचाती
कलेउ वक्त


-प्रत्यूष यादव
(संगम हा.संकलन से साभार)

Sunday, 25 September 2011

भरी भीड़ में

भरी भीड़ में
हरेक पे हावी था
अकेलापन ।


-पवन कुमार
( हाइकु 2009 से साभार )