Saturday, 7 August 2021

वृत्त में क़ैद

वृत्त में क़ैद 
गोल गोल घूमती 
धुरी सी माँ !

-आराधना झा श्रीवास्तव

Friday, 6 August 2021

बेमानी रिश्ते

बेमानी रिश्ते
सम्बंधों की अर्थियाँ 
रोज़ ही ढोते

-सुशीला शील राणा 
(हाइकु लैब)

फूटा गुब्बारा

फूटा गुब्बारा 
हवा में मिल गईं
हवा की साँसें

-उमेश मौर्य

फिर जियेगी

फिर जियेगी
बेटी के ही बहाने
माँ बचपन

-अलंकार आच्छा
(हाइकु लैब)

अग्नि कुंड पे

अग्नि कुंड पे
बारिश का हमला
जूझती ज्वाला

-अरुन शर्मा

Thursday, 5 August 2021

हया ही तो है

हया ही तो है 
सिमटी छुईमुई 
छूते ही देह !

-आभा खरे

बया का स्वर

बया का स्वर
प्यानों में ढूँढ़ रहा
बूढ़ा वादक

-उमेश मौर्य
(हा.द.समूह)